जय हिन्द Welcome To My Blogger Jyotish with AkshayG and We make your Future satisfactory with Planets जय हिन्द

Welcome !!

Astrology

Vastu

Numerology

You are welcome to Jyotish With AkshayG by AkshayG Sharrma.

Jyotish is my passion. Astrology describes your details.

Vastu and Numerology is Soul of your prosperity.

Horosocpe Matching make your life compatible.

24 march 2022 को होने वाला है बुध का मीन राशि में गोचर जानिए किस के लिए शुभ - अशुभ

24 march 2022 को होने वाला है बुध का मीन राशि में गोचर जानिए किस के लिए शुभ - अशुभ

24 march 2022 को होने वाला है बुध का मीन राशि में गोचर जानिए  किस  के लिए शुभ - अशुभ
24 march 2022 को होने वाला है बुध का मीन राशि में गोचर जानिए  किस  के लिए शुभ - अशुभ 


जिन जातकों की कुंडली में बुध ग्रह प्रतिकूल स्थिति में मौजूद होता है तो इसके परिणाम स्वरूप व्यक्ति के जीवन में खराब समझ शक्ति, संचार के मुद्दों से संबंधित दिक्कतें, बोलने में दिक्कत, नीरसता आदि देखने को मिलती है। वहीं इसके विपरीत जिन व्यक्तियों की कुंडली में यह मजबूत स्थिति में होता है ऐसे व्यक्ति ज्ञान, चतुराई, व्यवसाय दिमाग, और गणितीय कला के धनी होते हैं। जिन लोगों को बुध को मजबूत बनाने की इच्छा होती है उन्हें भगवान विष्णु की पूजा का विधान बताया जाता है।

बुध ग्रह को देवताओं का दूत माना जाता है और यह ग्रह अन्य सभी ग्रहों की अपेक्षा अपनी तेजी और गति के लिए जाना जाता है। बुध ग्रह 88 दिनों में सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करने वाला सबसे तेज़ ग्रह भी माना गया है। बारह राशियों में दो राशियों कन्या राशि और मिथुन राशि का शासक स्वामी भी बुध ग्रह को माना गया है। इसके अलावा वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह मानसिकता, संचार, अनुकूलन क्षमता, सोच पैटर्न, और परिवर्तनशीलता जैसे सिद्धांतों का कारक भी माना गया है।

यह भाई-बहनों और चचेरे भाइयों, शिक्षा और स्कूली शिक्षा, पड़ोसियों के तत्काल वातावरण, आदि को नियंत्रित करता है। बुध ऊर्जावान वाइब्स का उत्सर्जन करता है, जो इसके स्थान के आधार पर विभिन्न राशियों के जातकों के लिए या तो अच्छा या बुरा हो सकता है।

इसके अलावा बुध ग्रह की बात करें तो यह एक दोहरी प्रकृति वाला ग्रह है और शरीर के अंगों में कान, हाथ, फेफड़े, त्वचा, तंत्रिका तंत्र आदि को प्रभावित करने के लिए जाना जाता है। चंद्रमा के साथ जहाँ बुध ग्रह के रिश्ते दुश्मनी वाले होते हैं वहीं राहु, सूर्य और शुक्र के साथ बुध ग्रह के दोस्ताना वाले संबंध होते हैं।

बुध का मीन राशि में गोचर 24 मार्च, 2022

बुध का यह गोचर 24 मार्च, 2022 को सुबह 11 बजकर 05 मिनट पर मीन राशि में होगा और 8 अप्रैल, 2022 की दोपहर 12 बजकर 06 मिनट तक यह मीन राशि में ही स्थित रहेगा। इसके बाद बुध मंगल शासित राशि मेष में प्रवेश कर जाएगा।।

बुध का मीन में गोचर: गोचरफल और उपाय

मेष

मेष राशि के जातकों के लिए बुध उनके तीसरे भाव यानी कि भाई-बहन व संवाद के भाव और छठे भाव यानी कि विवाद, प्रतिस्पर्धा व शत्रु के भाव का स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान बुध मेष राशि के बारहवें भाव यानी कि व्यय और हानि के भाव में स्थित रहेगा।

यह अवधि मेष राशि के पेशेवर जातकों के लिए अनुकूल न रहने की आशंका है। इस दौरान नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में अपनी योग्यताएं साबित करने के लिए कुछ बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और साथ ही इस अवधि में मेष राशि के जातकों को अपने करियर में विकास के लिए भी काफी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा कार्यक्षेत्र में आपके सहकर्मियों और सहयोगियों के बीच किसी प्रकार की ग़लतफ़हमी पैदा हो सकती है जिससे आपकी प्रोफ़ाइल पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है।

वहीं व्यवसायी जातकों को अपने व्यापार में वृद्धि और विस्तार करने के लिए कठिन परिश्रम करने की ज़रूरत पड़ सकती है। इस दौरान आप काम के सिलसिले से कुछ ज़रूरी यात्राओं की योजना बना सकते हैं लेकिन ग्रहों की स्थिति के अनुसार अनुमान लगाया जा रहा है कि आपको इससे सकारात्मक फल प्राप्त नहीं होंगे और इन यात्राओं से सिर्फ़ आपके ख़र्चों में वृद्धि होने की आशंका है।

यह अवधि मेष राशि के छात्रों के लिए भी चुनौतीपूर्ण रहने की आशंका है, विशेष रूप से जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन्हें इस अवधि में अपने परिणाम से निराशा हो सकती है। हो सकता है कि इस दौरान आपका मन अपनी पढ़ाई की ओर ज़्यादा न लगे या आप अपने अंदर ऊर्जा की कमी महसूस करें जिससे कि आपको अपने विषयों को याद रखने और परीक्षा देने में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जिन छात्रों को इस दौरान प्रैक्टिकल परीक्षा देनी है, उन्हें भी अपनी ऊर्जा में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है।

व्यक्तिगत रूप से बुध के इस गोचर के दौरान आप ग़ैरज़रूरी चीज़ों में धन ख़र्च कर सकते हैं या यूं कहें कि आप फ़िज़ूलख़र्ची कर सकते हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से देखा जाए तो इस दौरान आपका स्वास्थ्य थोड़ा नाज़ुक रहने की आशंका है। आप इस दौरान तंत्रिका तंत्र से जुड़ी कोई समस्या, अनिद्रा या त्वचा एलर्जी जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हो सकते हैं। आपको यह सलाह दी जाती है कि इस दौरान आप अपने स्वास्थ्य का विशेष ख़्याल रखें और पूरी नींद लेने का प्रयास करें।

उपाय: प्रतिदिन सूर्योदय के समय 108 बार 'गायत्री मंत्र' का जाप करें!

वृषभ

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध उनके दूसरे भाव यानी कि परिवार, धन व वाणी के भाव और पांचवें भाव यानी कि मनोरंजन, रोमांस व संतान के भाव का स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान बुध वृषभ राशि के ग्यारहवें भाव यानी कि आय और लाभ के भाव में गोचर करेगा।

पेशेवर रूप से देखा जाए तो बुध के इस गोचर के दौरान आपकी कई स्रोतों से कमाई होने की संभावना है। साथ ही इस अवधि में आप कुछ अनुचित या अवैध ढंग से भी कमाई करने का प्रयास कर सकते हैं।

वहीं वृषभ राशि के जो जातक नौकरीपेशा हैं, उन्हें अपने वरिष्ठ प्रबंधन के लोगों से बात करते समय ज़्यादा सावधान रहने की सलाह दी जाती है क्योंकि आशंका है कि किसी वजह से उनके और उनके वरिष्ठों के बीच किसी प्रकार की गलतफहमी पैदा हो सकती है जिसकी वजह से उन्हें कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं जो जातक किसी व्यवसाय के मालिक हैं, वे इस दौरान एक ही समय में कई कार्यों को पूरा करने में सफल रह सकते हैं। साथ ही आप इस दौरान सभी अवसरों को अपने पक्ष में करने के लिए हर संभव प्रयास करते नज़र आएंगे जिसका आपको सकारात्मक फल प्राप्त हो सकता है। आपको यह सलाह दी जाती है कि कोई भी महत्वपूर्ण सौदा आदि करते समय सतर्क और सावधान रहें अन्यथा आपको नुकसान हो सकता है।

शिक्षा के दृष्टिकोण से यह अवधि छात्रों के लिए औसत रूप से फलदायी सिद्ध होगी। बुध गोचर राशिफल के अनुसार वृषभ राशि के छात्रों को पढ़ाई में ध्यान लगाने में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपका मन अपनी पढ़ाई के अलावा अन्य चीज़ों की ओर रह सकता है जिसका सीधा असर आपकी पढ़ाई पर पड़ने की आशंका है जिसकी वजह से आपके प्रदर्शन में भी गिरावट देखी जा सकती है।

व्यक्तिगत जीवन के लिहाज से देखा जाए तो संभावना है कि इस अवधि में आप लोगों से मेलजोल बढ़ाना पसंद करेंगे और साथ ही इस दौरान आप अपने दोस्तों व परिचितों के साथ कहीं घूमने जाने की योजना भी बना सकते हैं। इसके अलावा इस दौरान आप अपना सामाजिक दायरा बड़ा करते हुए व्यक्तिगत जीवन में कुछ नए दोस्त भी बनाने में भी सफल रह सकते हैं। हालांकि आपको सलाह दी जाती है कि यदि आप इस अवधि में कुछ नए दोस्त बनाते हैं तो आपको उनसे थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि ऐसी आशंका है कि वे आपके प्रति अधिक वफ़ादार नहीं होंगे और वे सिर्फ़ अपने मतलब के लिए आपसे जुड़ेंगे।

वृषभ राशि के जो जातक प्रेम संबंध में हैं, उनके लिए यह अवधि औसत रूप से फलदायी सिद्ध हो सकती है। इस दौरान आपको अपने प्रिय के साथ कुछ ग़लतफ़हमियों का सामना करना पड़ सकता है जिससे आप दोनों के बीच किसी प्रकार का मनमुटाव होने की आशंका है। आपको यह सलाह दी जाती है कि इस अवधि में आप अपने प्रिय से बातचीत करें और सभी मतभेदों और ग़लतफ़हमियों को सुलझाने का प्रयास करें।

उपाय: बुधवार के दिन माँ दुर्गा की पूजा करें और लाल फूल चढ़ाएं!


मिथुन

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध उनके लग्न भाव और चौथे भाव यानी कि सुख, आराम और भूमि के भाव का स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान बुध मिथुन राशि के दसवें भाव यानी कि कर्म भाव से गोचर करेगा।

पेशेवर रूप से देखा जाए तो बुध के इस गोचर के दौरान नौकरीपेशा जातकों को औसत रूप से फल प्राप्त होने की संभावना है। इस अवधि में आपको अपनी नौकरी को लेकर असुरक्षा महसूस हो सकती है। साथ ही आपको अपनी परियोजनाओं पर काम करते समय ऐसा भी महसूस हो सकता है कि कहीं यह ग़लत न हो जाए या कुछ गड़बड़ न हो जाए यानी कि एक प्रकार का डर आपके अंदर इस अवधि में बना रह सकता है। इसके अलावा आपके अंदर अपने करियर को लेकर तरह-तरह के ख़्याल और कई तरह की नकारात्मक भावनाएं उठ सकती हैं। इन सब के चलते आपकी निर्णय लेने की क्षमता कमज़ोर हो सकती है और आपको अपने आस-पास की स्थितियों और परिस्थितियों का सही से आकलन करने में भी परेशानी महसूस हो सकती है। इस गोचर काल के दौरान आप अपने आत्मविश्वास में भी कमी महसूस कर सकते हैं और अधिकतर समय चीज़ों को लेकर भ्रमित रह सकते हैं।

शिक्षा के दृष्टिकोण से बुध के इस गोचर के दौरान मिथुन राशि के छात्रों को सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने के लिए जरूरत से अधिक कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है क्योंकि आशंका है कि इस अवधि में आपको अपने विषयों को समझने और उन्हें याद रखने में कठिनाई महसूस हो सकती है।

वहीं व्यक्तिगत जीवन के लिहाज से देखा जाए तो इस समायावधि में आपको अपने परिवार के सदस्यों के साथ संबंध मधुर रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ सकते हैं। आशंका है कि इस दौरान आप अपने अंदर की भावनाओं को व्यक्त करने में सक्षम नहीं होंगे और हो सकता है कि आपको ऐसा प्रतीत हो कि लोग आपको समझते नहीं हैं या आपको समझने का प्रयास नहीं करते हैं। आपको यह सलाह दी जाती है कि इस दौरान कोई वाहन या संपत्ति ख़रीदने में धन ख़र्च न करें क्योंकि यह समय आपके लिए अनुकूल न रहने की आशंका है।

स्वास्थ्य के लिहाज से देखा जाए तो इस दौरान आपकी माता को कुछ स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही आपको भी मानसिक तनाव, घबराहट और कंपकंपी जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने और अपनी माता जी के स्वास्थ्य की उचित देखभाल करें और ज़रा सी भी शंका होने पर तुरंत चिकित्सकीय उपचार व सलाह लें।

उपाय: बुध होरा के दौरान प्रतिदिन बुध बीज मंत्र का जाप करें!

कर्क

कर्क राशि के जातकों के लिए बुध उनके तीसरे भाव यानी कि साहस, शक्ति व भाई-बहन के भाव और बारहवें भाव यानी कि यात्रा व व्यय के भाव का स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान बुध कर्क राशि के नौवें भाव यानी कि भाग्य, आध्यात्मिकता और धर्म के भाव में स्थित रहेगा।

पेशेवर रूप से देखा जाए तो बुध के इस गोचर के दौरान नौकरीपेशा जातकों के कार्यस्थल में परिवर्तन होने की संभावना है यानी कि इस गोचर काल में आपका स्थानांतरण हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपको अपने कार्यों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ सकते हैं। आशंका है कि इस अवधि में किसी कारण से आपके संबंध आपके बॉस के साथ ख़राब हो सकते हैं। ऐसे में आपको यह सलाह दी जाती है कि कार्यक्षेत्र में किसी भी मीटिंग में या फिर अपने वरिष्ठों से बात करते वक़्त अपनी वाणी और गुस्से पर नियंत्रण रखें अन्यथा परिस्थितियाँ आपके प्रतिकूल हो सकती हैं।

वहीं कर्क राशि के वे जातक जो किसी व्यवसाय के मालिक हैं, उन्हें इस दौरान अपने व्यवसाय में नुकसान होने की आशंका है। साथ ही इस अवधि में आप अपने व्यवसाय में वृद्धि और विस्तार के लिए कुछ यात्राओं की योजना भी बना सकते हैं। हालांकि आशंका है कि ये यात्राएं आपके लिए बहुत अधिक फलदायी साबित नहीं होंगी। आपको इस दौरान किसी भी प्रकार का निवेश, विशेष रूप से लंबी अवधि की परियोजना में निवेश न करने की सलाह दी जाती है अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कर्क राशि के जो छात्र आगे की पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें इस दौरान अपनी पढ़ाई में कुछ कठिनाइयों और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं जो छात्र विदेश में पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें थोड़ा और इंतज़ार करना पड़ सकता है क्योंकि आशंका है कि इस दौरान आपको अपने आवेदनों का सकारात्मक फल प्राप्त नहीं होगा।

व्यक्तिगत जीवन की बात की जाए तो इस दौरान आपको अपने छोटे भाई-बहनों के साथ संबंधों में कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। आप कुछ नए दोस्त भी बना सकते हैं परंतु ऐसी आशंका है कि वे ज़्यादा समय तक आपके जीवन में नहीं टिक पाएंगे या यूं कहें कि बहुत ही छोटी अवधि के लिए आपके जीवन में शामिल होंगे। आपको यह सलाह दी जाती है कि इस दौरान छुट्टी होने पर किसी भी प्रकार की यात्रा करने से बचें क्योंकि उससे सिर्फ़ आपके ख़र्चों में वृद्धि होगी बाक़ी कुछ ख़ास हासिल न होने की आशंका अधिक है। साथ ही आपको यह भी सलाह दी जाती है कि बुध के इस गोचर के दौरान किसी भी प्रकार का गैजेट ख़रीदने से भी परहेज करें क्योंकि ऐसी आशंका है कि या तो आपको सही उत्पाद प्राप्त नहीं होगा या फिर उसके रख-रखाव का ख़र्च इतना ज़्यादा होगा कि आपको उसे वहन करने में कुछ परेशानी हो सकती है। इसके अलावा इस दौरान आपको अपने प्रियजनों से बात करते वक़्त थोड़ी सावधानी बरतने और अपनी वाणी पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि आपके द्वारा बोले गए कड़े या अटपटे शब्दों से आपके प्रियजन भावनात्मक रूप से आहत हो सकते हैं या आपके रिश्ते में मनमुटाव पैदा हो सकता है।

उपाय: बुधवार के दिन भगवान गणेश को 2 बूंदी के लड्डू चढ़ाएं!

सिंह

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध उनके दूसरे भाव यानी कि धन, परिवार व वाणी के भाव और ग्यारहवें भाव यानी कि आय, मित्र व लाभ के भाव का स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान बुध सिंह राशि के आठवें भाव यानी कि विरासत, उतार-चढ़ाव और हानि के भाव में गोचर करेगा। बुध के इस गोचर के दौरान सिंह राशि के जातकों के जीवन में आर्थिक रूप से कुछ बड़े परिवर्तन होने की संभावना है।

पेशेवर रूप से देखा जाए तो बुध का यह गोचर व्यवसायी जातकों के लिए अधिक अनुकूल न रहने की आशंका है इसलिए आपको यह सलाह दी जाती है कि किसी भी परियोजना में किसी भी प्रकार का बड़ा निवेश करने से बचें अन्यथा आपको नुकसान हो सकता है। साथ ही आपको सट्टा बाज़ारों जैसे कि स्टॉक मार्केट, शेयर मार्केट आदि में भी किसी प्रकार का निवेश न करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा आप इस अवधि में अपने व्यवसाय में वृद्धि और विस्तार के लिए कुछ नई नीतियां बना सकते हैं लेकिन आपको इन्हें लागू करने के लिए थोड़ा और इंतज़ार करने की सलाह दी जाती है क्योंकि इस अवधि में आपको इन नीतियों से सकारात्मक परिणाम न मिलने की आशंका है।

नौकरीपेशा जातकों की नौकरी या वर्क प्रोफ़ाइल में बदलाव के योग बन रहे हैं। यदि आप अपनी नौकरी में बदलाव करने की या वर्क प्रोफ़ाइल में बदलाव करने की योजना बना रहे हैं तो आप इस गोचर काल के दौरान इसके लिए प्रयास कर सकते हैं, आपको सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने की संभावना है।

जैसा कि शुरुआत में बताया गया कि आर्थिक रूप से बुध का यह गोचर आपके जीवन में कुछ अनिश्चितताएं ला सकता है इसलिए आपको यह सलाह दी जाती है कि इस दौरान किसी को भी पैसे उधार देने से बचें।

व्यक्तिगत जीवन के लिहाज से देखा जाए तो इस अवधि में आपको अपने ससुराल पक्ष के लोगों के साथ संबंधों में कुछ मतभेदों और ग़लतफ़हमियों के कारण रिश्तों में तनाव का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपके ख़र्चों में वृद्धि होने की भी आशंका है और आप इस अवधि में कुछ यात्राओं और सामाजिक कार्यों में धन ख़र्च करते नजर आ सकते हैं। साथ ही यदि आप किसी कानूनी मामले का सामना कर रहे हैं तो आपको उसमें भी धन ख़र्च करना पड़ सकता है। आपको इस गोचर काल में अपने माता-पिता या रिश्तेदारों से नकद या वस्तु के रूप में अचानक लाभ प्राप्त होने की भी संभावना है।

स्वास्थ्य के लिहाज से आपको यह सलाह दी जाती है कि आप अपने स्वास्थ्य का ख़्याल रखें क्योंकि इस अवधि में आपको एलर्जी, पीठ दर्द और किसी प्रकार का फ़्लू होने की आशंका है। साथ ही यह भी सलाह दी जाती है कि सड़क पर पैदल चलते समय या वाहन चलाते समय थोड़ी सावधानी बरतें क्योंकि इस दौरान आपको चोट लगने की आशंका है।

उपाय: प्रतिदिन गाय को हरी घास खिलाएं!

कन्या

कन्या राशि के जातकों के लिए बुध उनके लग्न भाव और दसवें भाव का स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान बुध कन्या राशि के सातवें भाव यानी कि व्यवसाय, यात्रा और साझेदारी के भाव में गोचर करेगा।

पेशेवर रूप से देखा जाए तो नौकरीपेशा जातकों के लिए कार्यस्थल पर चीज़ें थोड़ी अस्त-व्यस्त रहने की आशंका है। आपको इस अवधि में अपनी योग्यता साबित करने के लिए अधिक मेहनत करने की ज़रूरत होगी। साथ ही आपके अंदर अपने उत्पाद या सेवाओं के बारे में समझाने और ग्राहकों को प्रभावित करने के कौशल में कमी आ सकती है।

वहीं जो जातक साझेदारी में व्यवसाय कर रहे हैं, उन्हें इस दौरान अपनी वाणी पर संयम रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि आपके द्वारा बोले गए कड़े शब्द साझेदार के साथ रिश्ते में मतभेद पैदा कर सकते हैं।

कन्या राशि के वे जातक जो ख़ुद के व्यवसाय के स्वामी हैं, उन्हें इस अवधि में ख़राब मोलभाव की वजह से नुकसान होने की आशंका है। ऐसे में आपको यह सलाह दी जाती है कि आप अपने उत्पाद की मार्केटिंग और विज्ञापन के लिए कुछ कुशल पेशेवरों की नियुक्ति करें जिससे कि आपको अच्छे ग्राहक बनाने में सफलता प्राप्त होगी।

इसके अलावा जो जातक किसी नए व्यवसाय को शुरू करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें इस दौरान थोड़ा और इंतज़ार करने की सलाह दी जाती है क्योंकि ऐसी आशंका है कि इस दौरान आप अपनी योजनाओं में सफलता प्राप्त नहीं कर सकेंगे।

व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो जो जातक एकल जीवन व्यतीत कर रहे हैं और किसी रिश्ते में आने की या विवाह करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें इस गोचर काल में थोड़ा और इंतज़ार करना पड़ सकता है। वहीं जिन विवाहित जातकों का अपने जीवनसाथी के साथ किसी बात पर विवाद चल रहा है या उनके रिश्ते में तनाव की स्थिति बनी हुई है, वे इस अवधि में आपस के सभी मतभेदों और ग़लतफ़हमियों को सुलझाने में सफल रहेंगे लेकिन उसके लिए आपको अपनी तरफ़ से पहल करनी होगी और अपने जीवनसाथी के साथ बैठकर सभी समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करना होगा, तभी आपके रिश्ते में थोड़ी मजबूती आने की संभावना है। इस दौरान आप अपने जीवनसाथी और घर के अन्य सदस्यों के साथ किसी यात्रा पर जाने की योजना बना सकते हैं।

स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह अवधि कन्या राशि के जातकों के लिए अधिक अनुकूल न रहने की आशंका है क्योंकि इस दौरान आपको अनिद्रा, घबराहट और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने स्वास्थ्य का विशेष रूप से ख़्याल रखें और अपनी दिनचर्या में योग, व्यायाम और ध्यान करने जैसी आदतों को शामिल करें। साथ ही पूरी नींद लेने का प्रयास करें।

उपाय: अपने काम करने वाले हाथ की छोटी उंगली में चांदी या सोने के साथ अच्छी गुणवत्ता वाला पन्ना धारण करें!

तुला

तुला राशि के जातकों के लिए बुध उनके नौवें भाव यानी कि भाग्य व धर्म के भाव और बारहवें भाव यानी कि व्यय व हानि के भाव का स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान बुध तुला राशि के छठे भाव यानी कि विवाद, शत्रु और रोग के भाव में स्थित रहेगा।

पेशेवर जीवन के रूप से देखा जाए तो नौकरीपेशा जातकों को इस अवधि में अपने पेशेवर लक्ष्यों को प्राप्त करने और कार्यस्थल पर सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता पड़ सकती है। साथ ही इस दौरान आपके अंदर अपने काम के प्रति आत्मविश्वास में कमी देखी जा सकती है जिसकी वजह से आपको अपनी क्षमता पर संदेह हो सकता है।

तुला राशि के जो जातक सर्विस में हैं, आशंका है कि उन्हें इस दौरान अपने कार्यक्षेत्र में कुछ विषम परिस्थितियों और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही इस अवधि में आपका स्थानांतरण होने के भी प्रबल योग बन रहे हैं।

वहीं जो जातक किसी व्यवसाय के स्वामी हैं, उन्हें यह सलाह दी जाती है कि इस गोचर काल के दौरान किसी भी नई परियोजना या अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए किसी भी प्रकार का निवेश करने से बचें क्योंकि आशंका है कि आपको इस दौरान आपकी योजना के अनुरूप फल प्राप्त नहीं हो पाएगा।

इसके अलावा तुला राशि के जो जातक नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं, उन्हें इस दौरान थोड़ा और इंतज़ार करना पड़ सकता है। आशंका है कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह अवधि तुला राशि के जातकों के लिए अधिक अनुकूल नहीं रहने वाली है। इस दौरान आपको धन हानि होने की भी आशंका है।

व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो इस दौरान आपके विरोधी और शत्रु आपके व्यक्तिगत जीवन में कुछ समस्याएं खड़ी करने का प्रयास कर सकते हैं और आपका फ़ायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। बुध गोचर के दौरान आप कोई नई संपत्ति ख़रीदने या अपने घर के नवीनीकरण पर धन ख़र्च कर सकते हैं। इस दौरान आपके स्वभाव में थोड़ा रूखापन देखा जा सकता है और आपके संबंध अपने आस-पास के लोगों के साथ बहुत सौहार्दपूर्ण न रहने की आशंका है। विशेष रूप से आपको अपने पिता के साथ संबंध को मधुर बनाए रखने में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा इस बात की भी आशंका है कि इस दौरान आपके पिता को कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। यदि आप किसी लंबी दूरी की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो इस अवधि के दौरान आपकी यह योजना सफल हो सकती है।

स्वास्थ्य के लिहाज से आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने खान-पान का विशेष रूप से ख़्याल रखें क्योंकि इस दौरान आप एलर्जी या किसी प्रकार के संक्रमण से ग्रसित हो सकते हैं।

उपाय: ज़रूरतमंद बालकों को शिक्षा से संबंधित वस्तुओं का दान करें!

वृश्चिक

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध उनके आठवें भाव यानी कि अनिश्चितता के भाव और ग्यारहवें भाव यानी कि आय व लाभ के भाव का स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान बुध वृश्चिक राशि के पांचवें भाव यानी कि शिक्षा, संतान और मनोरंजन के भाव से गोचर करेगा।

पेशेवर रूप से देखा जाए तो जो जातक सट्टा बाज़ारों जैसे कि स्टॉक मार्केट, शेयर मार्केट आदि से जुड़े हुए हैं, उनके लिए बुध का यह गोचर अधिक अनुकूल नहीं रहने की आशंका है। इस दौरान आपको इस क्षेत्र में कोई बड़ा नुकसान हो सकता है। वहीं इस अवधि में नौकरीपेशा जातकों की नौकरी या प्रोफ़ाइल में बदलाव होने की संभावना है इसलिए जो जातक अपनी नौकरी में बदलाव करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

जो जातक किसी व्यवसाय के मालिक हैं, उनके लिए यह अवधि अनुकूल रहने की संभावना है। इस दौरान यदि आप अपने व्यवसाय की वृद्धि और विस्तार के लिए कुछ योजनाएं व नई नीतियां बनाते हैं तो आपको इससे सकारात्मक फल प्राप्त होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा आप अपने शौक और रुचि के कार्यों को भी इस अवधि में पेशे के रूप में बदल सकते हैं।

वृश्चिक राशि के छात्रों के लिए बुध का यह गोचर शुभ साबित होगा क्योंकि इस दौरान आपका अपनी पढ़ाई के प्रति झुकाव अधिक रहेगा और एकाग्रता में वृद्धि देखी जा सकती है। वृश्चिक राशि के जो छात्र शोध कार्यों से जुड़े हैं या पीएचडी कर रहे हैं, उनके लिए भी बुध का यह गोचर अनुकूल सिद्ध हो सकता है।

व्यक्तिगत जीवन के लिहाज से देखा जाए तो इस दौरान आपको अपने बच्चों के साथ संवाद करने में कुछ समस्या आ सकती है। इसके लिए आपको उनकी शिकायत सुनने और उनका दृष्टिकोण समझने के लिए थोड़ा वक़्त निकालना पड़ सकता है या यूं कहें कि आपको उनके साथ समय बिताने की आवश्यकता पड़ सकती है।

वृश्चिक राशि के जो जातक प्रेम संबंध में हैं, उन्हें यह सलाह दी जाती है कि अपने प्रिय से बातचीत करते समय अपने शब्दों और वाणी को लेकर थोड़ा सावधान रहें क्योंकि आपके द्वारा बोले गए कठोर शब्द आपके प्रिय को भावनात्मक रूप से आहत कर सकते हैं। आप अपने दोस्तों से मिलने के लिए या उनके साथ समय बिताने के लिए कुछ छोटी यात्राओं की योजना बना सकते हैं।

उपाय: बुधवार के दिन मंदिर में हरी दाल का दान करें!

धनु

धनु राशि के जातकों के लिए बुध उनके दो महत्वपूर्ण भावों यानी कि सातवें भाव और दसवें भाव का स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान बुध धनु राशि के चौथे भाव यानी कि परिवार, आराम व सुख के भाव में स्थित रहेगा।

पेशेवर जीवन के लिहाज से देखा जाए तो नौकरीपेशा जातकों को अपनी नौकरी को लेकर इस दौरान थोड़ी असुरक्षा महसूस हो सकती है। हालांकि बाहरी तौर पर चीज़ें बेहतर रहने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में इस दौरान आपकी कड़ी मेहनत को देखते हुए आपके उच्च अधिकारियों और वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा आपकी सराहना की जा सकती है। साथ ही आप कुछ ऐसे नए रचनात्मक विचार पेश कर सकते हैं जो कि आपकी कंपनी/संस्था या विभाग के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं। आप अपने उत्कृष्ट कौशल और बेहतर प्रदर्शन के ज़रिए अपने करियर की सीढ़ी में एक कदम आगे की ओर बढ़ सकते हैं यानी कि इस दौरान आपकी पदोन्नति होने की संभावना है।

जो लोग साझेदारी में व्यवसाय कर रहे हैं वे अपने व्यवसाय में इस दौरान वृद्धि देख सकेंगे। साथ ही इस दौरान आप मार्केट में अच्छा नाम और प्रतिष्ठा कमाने में भी सफल हो सकते हैं। जो जातक रियल स्टेट और प्रॉपर्टी डीलिंग के काम से जुड़ हुए हैं, उनके लिए भी यह अवधि अनुकूल रहने वाली है। इस दौरान आप कुछ अच्छी और लाभकारी डील्स करने में सफल रह सकेंगे।

शिक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाए तो बुध के इस गोचर के दौरान छात्रों की पढ़ाई के प्रति एकाग्रता में कमी देखी जा सकती है। साथ ही आपको इस दौरान किसी विषय की मौखिक परीक्षा यानी कि ओरल प्रेज़ेंटेशन देने में भी कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा आपको गणित से जुड़े विषय को समझने और उन्हें याद रखने में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

इस गोचर के दौरान आप अपने व्यक्तिगत जीवन में शांति और संतुष्टि का अनुभव कर सकते हैं। घर का माहौल भी शांतिपूर्ण रहने की संभावना है। साथ ही इस अवधि में आपका स्वभाव थोड़ा शांत और शर्मीला रह सकता है जिसकी वजह से आप अन्य लोगों से कटे-कटे से नजर आ सकते हैं। इस अवधि में आप प्रकृति के नज़दीक रहना ज़्यादा पसंद करेंगे और हो सकता है कि इस दौरान आपकी रुचि बागबानी की ओर रहे।

स्वास्थ्य के लिहाज से देखा जाए तो इस दौरान आपकी माता जी को तंत्रिका तंत्र से जुड़ी कोई समस्या या मानसिक तनाव और घबराहट की शिकायत हो सकती है। आपको यह सलाह दी जाती है कि अपनी माता जी के स्वास्थ्य की उचित देखभाल करें और ज़रा सी शंका होने पर चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

उपाय: बुधवार के दिन "विष्णु सहस्रनाम" का पाठ करें या सुनें!

मकर

मकर राशि के जातकों के लिए बुध उनके छठे भाव यानी कि प्रतिस्पर्धा व विवाद के भाव और नौवें भाव यानी कि भाग्य व धर्म के भाव का स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान बुध मकर राशि के तीसरे भाव यानी कि संवाद, भाई-बहन और इच्छाशक्ति के भाव से गोचर करेगा।

पेशेवर रूप से देखा जाए तो नौकरीपेशा जातकों के लिए बुध का यह गोचर अनुकूल सिद्ध होगा। कार्यक्षेत्र में आपके संबंध अपने सहकर्मियों के साथ सौहार्दपूर्ण रहने की संभावना है। साथ ही इस दौरान आपकी टीम के सदस्य आपका पूर्ण समर्थन और सहयोग करते नज़र आएंगे जिससे कि आप अपनी परियोजनाओं को समय पर और सही तरीके से पूरा करने में सफल रह सकते हैं। आपके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आपके बॉस और वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा आपकी सराहना भी की जा सकती है।

वहीं जो जातक ख़ुद के व्यवसाय में हैं, वे इस दौरान अपने व्यवसाय में विस्तार के लिए कुछ ज़रूरी योजनाओं पर काम कर सकते हैं और इसके लिए वे अपने व्यवसाय की मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार पर ज़्यादा ध्यान देंगे जिससे मार्केट में आपके व्यवसाय का दायरा बढ़ेगा और ग्राहकों की संख्या में भी वृद्धि देखी जा सकेगी। आपके द्वारा अपने व्यवसाय में वृद्धि और विकास के लिए बनाई गई कुछ योजनाएं और नीतियां इस समय अवधि में आपके लिए फलदायी सिद्ध हो सकती हैं।

आर्थिक दृष्टिकोण से मकर राशि के जातकों के लिए यह समय औसत रूप से फलदायी रहने की संभावना है। आपको अपने व्यवसाय से लाभ अर्जित करने के लिए थोड़ा इंतज़ार करना पड़ सकता है। वहीं नौकरीपेशा जातकों का स्थानांतरण होने की संभावना है।

छात्रों को इस दौरान अपनी परीक्षा में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही अपनी समस्याओं को अपने शिक्षक और माता-पिता के सामने व्यक्त करने में भी आपको इस अवधि में कठिनाई महसूस हो सकती है।

व्यक्तिगत जीवन के लिहाज से देखा जाए तो इस दौरान आपके संबंध अपने भाई-बहनों के साथ थोड़े तनावपूर्ण रहने की आशंका है। आपके बीच ग़लतफ़हमियां पैदा हो सकती हैं जिसकी वजह से आपके बीच कोई विवाद हो सकता है। आपको इस अवधि में अपनी बात रखने या दूसरों की बात समझने में भी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आप अपने दोस्तों के साथ किसी छोटी यात्रा की योजना बना सकते हैं। साथ ही इस अवधि में आप कुछ गैजेट्स जैसे कि लैपटॉप, टेलीविज़न, म्यूज़िक सिस्टम आदि ख़रीदने की भी योजना बना सकते हैं। संभावना है कि इस दौरान आप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ज़्यादा सक्रिय रह सकते हैं और आप अपने सामान्य रुचि की चीज़ों को इस माध्यम से लोगों के साथ साझा करते नज़र आ सकते हैं।

उपाय: विधारा की जड़ को हरे कपड़े में लपेटकर अपनी दाहिनी बांह में बांधें!

कुंभ

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध उनके पांचवें भाव यानी कि शिक्षा व संतान के भाव और आठवें भाव यानी कि विरासत, अनिश्चितता व आकस्मिक परिवर्तन के भाव का स्वामी है। इस गोचर काल के दौरान बुध कुंभ राशि के दूसरे भाव यानी कि धन, परिवार और वाणी के भाव में गोचर करेगा।

पेशेवर रूप से देखा जाए तो बुध के इस गोचर के दौरान कुंभ राशि के जातकों को अचानक से लाभ प्राप्त होने की संभावना है। जो जातक सट्टा बाज़ारों जैसे कि स्टॉक मार्केट, शेयर मार्केट आदि से जुड़े हुए हैं, उनके लिए यह अवधि अनुकूल सिद्ध हो सकती है। इस दौरान यदि आप सट्टा बाज़ारों में धन का निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो आपको इसमें लाभ होने की प्रबल संभावना है।

वहीं जो जातक कला, मीडिया या संगीत आदि के क्षेत्र से जुड़े हैं, उनके लिए यह अवधि अनुकूल रह सकती है। आप इस अवधि में अपने उत्कृष्ट कौशल के ज़रिए अपने ग्राहकों को प्रभावित करने में सफल होंगे और लोगों के बीच लोकप्रियता हासिल कर सकते हैं। इस अवधि में आपको कुछ नई परियोजनाओं पर काम करने के कुछ बेहतरीन अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

कुंभ राशि के वे जातक जो किसी व्यवसाय के मालिक हैं, विशेष रूप से जो पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े हुए हैं, उन्हें इस दौरान अपने व्यवसाय के संचालन में कुछ बाधाओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आशंका है कि इस दौरान आपके ख़र्चों में वृद्धि हो सकती है जिसका आपकी आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

शिक्षा के लिहाज से देखा जाए तो जो छात्र आगे की पढ़ाई, पीएचडी या मनोविज्ञान की पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए भी बुध का यह गोचर अनुकूल सिद्ध हो सकता है। इस दौरान आप अपने विषयों को अच्छी तरह समझने और उन पर शोध करने में सफल रह सकेंगे जिससे आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में काफ़ी मदद मिल सकती है। वहीं छात्रों को इस दौरान पढ़ाई के अतिरिक्त दबाव की वजह से कुछ समस्याओं सामना करना पड़ सकता है।

व्यक्तिगत जीवन के लिहाज से देखा जाए तो इस दौरान आपका अपनी माता या अपने ससुराल पक्ष के लोगों के साथ कुछ मतभेद हो सकता है। ऐसे में आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने विचारों और दृष्टिकोण को समझाने के लिए उनके साथ थोड़ा ज़्यादा समय बिताएं और सभी मतभेदों को सुलझाने का प्रयास करें अन्यथा स्थिति और भी बिगड़ सकती है।

स्वास्थ्य के लिहाज से देखा जाए तो इस दौरान आपको दांत दर्द, सिर दर्द और नींद न आने की समस्या परेशान कर सकती है। ऐसे में आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने स्वास्थ्य का ख़्याल रखें और पूरी नींद लेने का प्रयास करें।

उपाय: तुलसी का पौधा लगाएं और उसकी देखभाल करें। प्रतिदिन सुबह और शाम तुलसी की पूजा करें और प्रार्थना करें!

मीन

मीन राशि के जातकों के लिए बुध उनके चौथे भाव यानी कि परिवार, संपत्ति व सुविधा के भाव और सातवें भाव यानी कि विवाह, साझेदारी व यात्रा के भाव का स्वामी है। इस गोचर काल में बुध मीन राशि के प्रथम भाव यानी कि लग्न भाव में गोचर करेगा। मीन राशि के लग्न भाव में बुध का यह गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

पेशेवर रूप से देखा जाए तो जो जातक किसी व्यवसाय के मालिक हैं, वे इस दौरान अपने व्यवसाय से अच्छा-ख़ासा लाभ अर्जित करने में सफल रह सकते हैं। साथ ही आपको इस अवधि में अपने व्यवसाय की वृद्धि और विस्तार के लिए कहीं से आर्थिक सहायता भी मिल सकती है।

वहीं जो जातक मार्केटिंग, पत्रकारिता, अकाउंटेंसी के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, उनके लिए भी यह समय अनुकूल रहने की संभावना है। आपको इस दौरान अपने कौशल को साबित करने और अच्छी कमाई करने के कई अवसर प्राप्त हो सकते हैं। साथ ही कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए आपको किसी प्रकार का प्रोत्साहन मिलने की भी संभावना है। इसके अलावा आप अपने करियर का विस्तार करने के लिए और अपनी प्रोफ़ाइल को बेहतर बनाने के लिए बड़े ही रचनात्मक तरीके से कुछ योजनाएं बना सकते हैं।

मीन राशि के जातकों के लिए व्यक्तिगत जीवन के लिहाज से बुध का यह गोचर अधिक अनुकूल न रहने की आशंका है। इस दौरान आप स्वभाव से आलोचनात्मक यानी मुखर हो सकते हैं और आप अपनी टिप्पणियों और तुलनाओं से अपने प्रियजनों को भावनात्मक रूप से आहत कर सकते हैं। आपको अपने ऊपर हद से ज़्यादा आत्मविश्वास हो सकता है जिसकी वजह से आप अपने आस-पास के लोगों के दृष्टिकोण को समझने से इनकार कर सकते हैं।

विवाहित जातकों को अपने जीवनसाथी के साथ कुछ मतभेदों के कारण अपने वैवाहिक जीवन में कुछ तनाव का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही बातचीत में अंतर होने के कारण आपके रिश्ते में दूरियाँ बढ़ सकती हैं। इसके अलावा इस दौरान आप अपने पेशेवर कार्यों के कारण बार-बार कुछ यात्राओं में व्यस्त रह सकते हैं जिसकी वजह से आपको अपने परिवार के साथ सुखद समय व्यतीत करने में असुविधाओं सामना करना पड़ सकता है।

उपाय: प्रतिदिन सुबह भगवान विष्णु की पूजा करें और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः" मंत्र का जाप करें!

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ